वूल फाइबर क्या है तैयारी, उपयोग, फायदे: What is Wool Fiber

वूल फाइबर क्या है तैयारी, उपयोग, फायदे
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

वूल फाइबर (Wool Fiber) 

जब ठंड लगती है तो हम ऊनी कपड़े पसंद करते हैं, ऊन फाइबर मनुष्यों द्वारा जाना गया सबसे पुराना फाइबर था। यह सूत और कपड़े के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले पहले फाइबर में से एक था।

ऊन भेड़ पर उगे प्राकृतिक बाल होते हैं, ऊन में केराटिन नामक प्राकृतिक प्रोटीन होता है जो कार्बन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन द्वारा बनता है। यह एकमात्र पशु फाइबर है जिसमें सल्फर भी रहती  है। ऊन के रेशों में क्रिम्प्स और कर्ल होते हैं, जो ऊन को  स्पंजी बनाते  हैं और गर्मी पैदा करते हैं। ऊन दाँतेदार तराजू (serrated scales) के साथ रहने वाला एकमात्र फाइबर है। ये तराजू ऊन फाइबर को एक साथ जकड़ने के लिए संभव बनाता है।

ऊन की तैयारी प्रक्रिय (Wool preparation process)

हम भेड़ के बाल से ऊन प्राप्त करते हैं, ऊन भेड़ों को ठंड से बचाती है इसलिए  भेड़ के बाल साल में एक बार काटे जाते हैं। जब सर्दी खत्म होने वाली होती है, गर्मियों का मौसम होता है, तो भेड़ों को बालों की जरूरत नहीं पड़ती। उस समय भेड़ के बाल कैंची से काट दिए जाते हैं।जिन्हें साफ करके बॉल जैसे गोल बनाया जाता है और सुतली से बांधा जाता है। ऊन को कंघी करके सीधा किया जाता है, बाद में  इसे यार्न के रूप में बनाया जाता है। बुनाई की प्रक्रिया से तैयार हुईं यार्न को ऊनी कपड़े के रूप में बदल दिया जाता है। इस प्रक्रिया को शीयरिंग (shearing) कहा जाता  है।

ऊन फाइबर का वर्गीकरण (Classification of wool fiber)

ऊन फाइबर को दो अलग-अलग तरीकों से वर्गीकृत किया गया है। वे हैं

  • भेड़ों द्वारा वर्गीकरण
  • पलायन (fleece)/ऊन से वर्गीकरण

भेड़ द्वारा वर्गीकरण (Classification by sheep)

मेरिनो ऊन:

मेरिनो भेड़ की उत्पत्ति स्पैन से होती है, यह सबसे अच्छी गुणवत्ता वाला ऊन होता है। यह ऊन फाइबर मजबूत, महीन और लोचदार (एलास्टिक) होते हैं। मेरिनो ऊन में सबसे बड़ी मात्रा में समेट होती है, इसी कारण से यह सबसे अच्छी गुणवत्ता के ऊन माना जाता हैं।

class-two ऊन:

भेड़ों का यह वर्ग इंग्लैंड,स्कॉटलैंड, आयरलैंड से उत्पन्न होता है, class-two ऊन फाइबर तुलनात्मक रूप से मजबूत, महीन, लोचदार होते हैं और 2-8 इंच की लंबाई  के होते हैं।

class – three ऊन:

इस प्रकार की भेड़ कि उत्पत्ति संयुक्त राज्य से होती है। ये ऊन फाइबर मोटे कम तराजू और कम समेटे होते हैं। ये 4-8 इंच की लंबाई में होते हैं। ये चिकने और चमकदार होते हैं, वे कपड़ों के लिए अच्छी गुणवत्ता के ऊन  हैं।

class – four ऊन:

यह वर्ग कभी-कभी आधी नस्ल (half breed) भी कहा जाता है। इस वर्ग में भेड़ के बच्चों का समूह होता है, यह फाइबर लगभग 1-16 इंच  के होते है। ये चिकने और चमकदार होते हैं और ये कम से कम ताकत के साथ वांछनीय होते  हैं। class – four ऊन मुख्य रूप से कालीन, (कार्पेट) के लिए इस्तेमाल किए जाते है।

ऊन द्वारा वर्गीकरण (Classification by wool)

Lambs ऊन: (लैम्ब्स ऊन)

 यह ऊन पहली बार 6-8 महीने की उम्र के भेड़ के बच्चे द्वारा प्राप्त किया जाता है। यह स्वाभाविक है, पतला होता है और नरम अनुभव देता है।

hogget ऊन:

यह 12-14 महीने की भेड़ों द्वारा प्राप्त किया जाता है। यह फाइबर ठीक, नरम, परिपक्व होते है, hogget ऊन रैप यार्न के लिए उपयोग किया जाता है।

Weather ऊन:

यह ऊन 14 महीने से अधिक  वर्ष  कि भेड़ों से प्राप्त किया जाता हैं। इस ऊन की रेशो में बहुत अधिक गंदगी और मिट्टी होती है।

pulled wool:

यह मांस के लिए वध किए गए जानवरों से प्राप्त किया जाता है।  इस ऊन को विभिन्न रसायनों द्वारा खींचा या निकाला जाता है। इस ऊन की गुणवत्ता कम होती  है।

ऊन के गुण (Wool properties)

  • ऊन फाइबर में उच्च अवशोषण(absorbance) होता है
  • नमी की मात्रा अधिक  होती है
  • ऊन दूसरों की तुलना में गर्म  होता हैं
  • ऊन  अच्छी लोचदार (elastic) है।
  •  इसमें 25-35% बढ़ाव (growth) है।

ऊन प्राकृतिक, सुरक्षित और स्वस्थ फाइबर है। ऑस्ट्रेलिया ऊन का सबसे बड़ा उत्पादक है, विश्व का 30% ऊन ऑस्ट्रेलिया से प्राप्त किया जाता है। भारत ऊन का 7 वां उत्पादक है।

आशा है Friends की आपको हमारे द्वारा वूल फाइबर के बारे मे लिखा गया Blog पसंद आया होगा। यदि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी हो तो आप इसे अपने Social Media Sites पर Share ज़रूर करें l

अगर आप भविष्य में ऐसी जानकारी लेना चाहते हैं तो आप हमारे ब्लॉक को सब्सक्राइब करें और साथ के साथ आप हमारे  इंस्टाग्राम पेज और  फेसबुक पेज को लाइक करें जिससे आपको हमारे आने वाली हर पोस्ट की अपडेट समय से मिलती रहे .

ये भी पढ़े 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *