सिंथेटिक फाइबर क्या है उन्हें कैसे बनाया जाता है ?

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सिंथेटिक फाइबर वे फाइबर होते हैं जो कृत्रिम रूप से मनुष्यों द्वारा निर्मित होते हैं।आवश्यकताओं को प्राप्त करने के लिए कई प्रकार के रसायनों का उपयोग किया जाता है।

सिंथेटिक फाइबर के बारे में जानने से पहले आइए सिंथेटिक फाइबर के विकास के पीछे कि कारण को जान लेते हैं।सबसे पहले हम कपड़े के बारे में बात करते हैं।हम सभी जानते हैं कि कपड़ा महत्वपूर्ण है और इसे मानव की दूसरी त्वचा के रूप में भी जाना जाता है।हम बाजार में बहुत सारे कपड़े देखते हैं जैसे कॉटन, जूट, रेशम, रेयान, नायलॉन, पॉलिएस्टर आदि।

वे कौन सी सामग्री से बने हैं?कई प्रकार के कपड़े बाजार में उपलब्ध हैं,वे सभी यार्न से बने होते हैं।यार्न फाइबर से बना है।हम जानते है कि कपड़े फाइबर से बने होते हैं। तब फाइबर क्या होता हैं?

फ़ाइबर क्या हैं?

किसी भी प्रकार के कपड़े के लिए फाइबर की छोटी इकाइयाँ होती हैं।ये फाइबर किस प्रकार से बने होते हैं?वास्तव में ये फाइबर मोनोमर्स नामक बहुत छोटी इकाइयों से बने होते हैं।मोनोमर एक अणु है जिसे पॉलिमर बनाने के लिए अन्य समान अणुओं के साथ जोड़ा जा जाता है।

पॉलिमर बनाने के लिए श्रृंखला(चैन) की तरह कई मोनोमर्स एक साथ अंत में संयुक्त होते हैं।

पॉलिमर एक ग्रीक शब्द है।यह दो शब्दों से बना है, पाली का मतलब कई और मर का मतलब इकाइयाँ(यूनिट) हैं।हम कह सकते हैं कि फाइबर्स पॉलिमर से बने होते हैं।

आइए हम फाइबर के बारे में समझने के लिए एक उदाहरण लेते  हैं।

हम सभी रुमाल का उपयोग करते हैं। यह रुमाल  छोटे धागों से बना  होता है।इन्हे ही फाइबर्स कहते है। अगर हम किसी भी कपड़े  को करीब से देखते हैं तो हम देख सकते हैं कि उसमें कई धागे हैं।हमारे पास कुछ विशेष रूप से डिज़ाइन की गई मशीनें हैं,

उनकी मदद से कपड़े बनाने के लिए सभी धागे बुने जाते हैं।हमारे द्वारा पहने जाने वाले कपड़े भी इन फाइबर्स के द्वारा ही बनाए जाते हैं।  हम 4 अलग-अलग तरह के कपड़ों का उदाहरण लेते हैं, जैसे कि पार्टी वियर, नाइट वियर, ऊनी कपड़े, स्विम सूट।

उनके पास अलग-अलग गुण हैं, लेकिन उन सब को फाइबर के रूप में ही  कहा जाता है।जैसे हर व्यक्ति का व्यवहार अलग-अलग प्रकार का होता है लेकिन सभी इंसान कहलाते हैं।अब हम चर्चा करते हैं कि इन फाइबर्स का वर्गीकरण कैसे किया जाता है।

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फाइबर का वर्गीकरण

फाइबर्स को बनाने वाली विधि   के  आधार पर इन फाइबर्स  को मुख्य रूप से 2 प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है।

  • प्राकृतिक फाइबर
  • सिंथेटिक फाइबर।

प्राकृतिक फाइबर

प्राकृतिक फाइबर, जिसे कि नाम से ही पता लगता है कि ये प्रकृति से प्राप्त फाइबर हैं।इसका मतलब है कि ये पौधे, और पशु उत्पादों जैसी प्राकृतिक सामग्रियों के  द्वारा बनाए जाते हैं।

उदाहरण  : कॉटन, जूट,सिल्क।

अब हम मुख्य अंश के बारे में चर्चा करते हैं जो सिंथेटिक फाइबर है।

एक अन्य प्रकार का फाइबर होता है जिसे अर्ध सिंथेटिक फाइबर कहा जाता है। उसमें   प्राकृतिक और सिंथेटिक फाइबर दोनों के गुण होते हैं।

सिंथेटिक फाइबर कैसे बनता है 

 

यह सिंथेटिक फाइबर के उदाहरणों  के द्वारा समझाया जाएगा।सिंथेटिक फाइबर के प्रकार:

  1. रेयान
  2. नायलॉन
  3. पॉलिएस्टर
  4. ऐक्रेलिक

1. रेयान क्या है 

रेयान कृत्रिम रेशम है।मूल रेशम बहुत महंगा होता है लेकिन रेयान बहुत सस्ता होता है।रेयान काफी सस्ता है।रेयान वास्तव में रसायनों से प्राप्त होता है।हालांकि यह एक सिंथेटिक फाइबर है लेकिन इसे लकड़ी के गूदे(पल्प)से प्राप्त किया जाता है,जो  प्राकृतिक है ।

जब लकड़ी के गूदे को कुछ रसायनों के साथ मिलाया जाता है तो यह गाढ़ा तरल बन जाता है।

जब उस तरल को सल्फ्यूरिक एसिड में डाला जाता है, तो यह धागे जैसा आकार बनता है, वहीं रेयान कहा जाता है।

रेयान के उपयोग

इसका उपयोग कई क्षेत्रों में  किया जाता है

  • कालीन
  • वस्त्र
  • चादरे

रेयान रेशम जैसा दिखता है लेकिन यह मूल रेशम नहीं  होता है।19 वीं शताब्दी में कुछ वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में कई रासायनिक परीक्षण किए और उन्होंने रेयान बनाया।तब तक रेयान का उपयोग केवल चीन में ही किया जाता था।लेकिन उस सफल प्रयोग से भारत में रेयान का प्रवेश हुआ।

2. नायलॉन

यह रॉक क्लाइम्बिंग के लिए उपयोगी है।नायलॉन एक बहुत मजबूत फाइबर है जो स्टील के तार की तुलना में अधिक मजबूत होता है।यह भी मानव निर्मित है, विशुद्ध रूप से सिंथेटिक है।

यह किसी भी प्राकृतिक सामग्री का उपयोग किए बिना बनता है।यह ठंडे पानी और हवा से तैयार किया जाता है, हालांकि पानी और हवा प्राकृतिक हैं लेकिन यह वास्तव में एक कच्चा माल नहीं है जैसे पौधों और जानवरों से प्राप्त  हुआ कुछ।

नायलॉन के उपयोग:

  • यह बहुत मजबूत और बिल्कुल हल्का है।
  • यह चमकदार है और इसे धोना आसान है।
  • हम मोजे, टेंट, टूथ ब्रश के लिए नायलॉन का उपयोग करते हैं।

3. पॉलिएस्टर

यह एक शुद्ध सिंथेटिक फाइबर है।इस कपड़े की खासियत यह है कि इसमें झुर्रियां नहीं पड़ सकती हैं।हम पॉलिमर के साथ विभिन्न प्रकार के फाइबर मिला सकते हैं।

उदाहरण: पॉलिमर+कॉटन = पॉली काट

यह धोने के लिए आसान है और ड्रेस सामग्री के लिए उपयुक्त है।

टरलीन एक  लोकप्रिय पॉलिएस्टर है।

पेट: बोतलों, बर्तनों, तारों और अन्य उत्पादों को बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला पॉलिएस्टर का बहुत परिचित रूप है।

4. एक्रिलिक

एक्रिलिक का उपयोग स्वेटर और शॉल में किया जाता है।यह ऊन की तरह दिखता है।यह ऊन का सस्ता संस्करण है लेकिन इसे ऊन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

ऐक्रेलिक ऊन सामग्री प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त सिंथेटिक ऊन से बनती है।प्राकृतिक ऊन काफी महंगा है लेकिन यह ऐक्रेलिक ऊन सस्ता है।

सिंथेटिक फाइबर के लाभ

  • ये बहुत टिकाऊ होते हैं।
  • आसानी से शिकन नहीं है।
  • वे लोचदार (इलास्टिक)हैं।
  • वे मजबूत हैं और किसी भी भारी भार को बनाए रख सकते हैं।
  • वे नरम हैं और इसलिए कपड़े सामग्री में उपयोग किया जाता है।
  • ये प्राकृतिक रेशों की तुलना में सस्ते होते हैं।

सिंथेटिक फाइबर के नुकसान

  • वे नमी को अवशोषित(अब्सर्ब) नहीं करते हैं।
  • ये गरम पानी में धोने से मुरझा जाते है।
  • आसानी से आग को पकड़ सकते है।

तो ये रही फाइबर्स के बारे में जानकारी। फाइबर जो भी हो आज कल हर एक को अपने अपने हिसाब के अनुसार बनवाने कि मौका है

ये सिंथेटिक फाइबर्स को कई रंगों में हम बनवा सकते है। फाइबर  कपड़ों कि  जीवन उसकी देख बाल में निर्भर होता है।उन में से कुछ धूप में सूखा सकते है कुछ नहीं उन कपड़ों कि सिलाई के आधार पर हमे उनको धोना है।

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