ड्रेस फास्टनर्स और उनके प्रकार : Dress Fasteners and There Types

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फास्टनर्स क्या है (What is fasteners)

फास्टनिंग्स या फास्टनर्स दो कपड़े के टुकड़ों को जोड़ने के लिए प्रयोग किया जाता है। आसान तरीका में समझने के लिए जैसे आप शर्ट में बटन, पैन्ट्स और जैकेट में ज़िपर का उपयोग करते है, तो ये बटन और ज़िपर को ही फास्टनर या फास्टनिंग मटेरियल कहते है।

एक कपड़े में फास्टनरों की बहुत ही कार्यात्मक भूमिका होती है। वे कपड़े के एक टुकड़े को दूसरे टुकड़े से बिल्कुल सही ढंग से बंद करने में मदद करते हैं।

फास्टनर्स एक सजावटी तत्व के रूप में भी काम करते हैं। जैसे कि चाइनीज फ्रॉग ये कपड़े में कार्यात्मक (functional) और सजावटी (decorative) दोनो तरीके से इस्तेमाल किया जाता है।

फास्टनर्स के बहुत से प्रकार होते है जिसे आपको कपड़े के मुताबिक चुनना होता है।

किस प्रकार के कपड़ो में फास्टनरों का उपयोग करते है? (Which Types Of Garments Use Fasteners)

देखा जाए तो इस समय हर कपड़े में फास्टनर का उपयोग किया जाता है, चाहे वो कार्यात्मक (functional) उपयोग हो या सजावटी (decorative) उपयोग। लेकिन कुछ मुख्य कपड़े है जिनमे फास्टनर का उपयोग जरूर होता है जैसे-

● शर्ट
● ब्लाउज
● स्कर्ट्स (बिना इलास्टिक वाला)
● जैकेट
● कोर्ट्स
● ब्रा और कॉर्सेट
● पैन्ट्स
● ट्राउज़र

क्लोथिंग फास्टनर्स के प्रकार (Type of clothing fasteners)

फास्टनर्स के कई प्रकार हैं और उन फास्टनर के कई और वेरिएशन भी है। यहाँ पर हम कुछ फास्टनर्स और उनके वेरिएशन के बारे में जानेंगे।

1. बटन्स
2. स्नेप फास्टनर्स
3. ग्रोममेट्स या आइलेट्स
4. हुक और आई
5. बकल्स
6. फैब्रिक टाइस और लैस
7. ज़िपर्स
8. मैगनेटिक फास्टनर्स
9. वेल्क्रो फास्टनर्स
10. हुक
11. सेफ्टी पिंस
12. कफ़ लिंक्स
13. ब्रूचेस
14. फ्रॉग फास्टनर्स
15. ग्लास स्टड्स
16. लाइनिंग फास्टनर्स
17. कॉर्ड्स
18. टॉगल्स

फास्टनर्स को लगाते वक़्त कुछ बातों पे ध्यान रखना जरूरी होता है

जैसे

● फास्टनरों को सही ढंग से लगाने के लिए कपड़े के दोनों किनारों पर सही ढंग से मेल खाना चाहिए।

● बटन हमेशा लड़कियों के लिए बाईं ओर और लड़कों के लिए दाईं ओर रखे जाते हैं।

● सिलाई से पहले फास्टनर के लिए दोनों कपड़ो के टुकड़ों को सही तरीके से नाप लेना चाइये। जिससे कपड़े के दोनों हिस्से सही तरीके से बन्द हो जाए।

● बटनहोल को समान रूप के दूरी पर नाप लेना चाहिए।

बटन्स (Buttons)

बटन सभी फास्टनरों में सबसे पुराने और सबसे अधिक उपयोग किए जाते हैं। बटन्स ज्यादातर प्लास्टिक से बने होते हैं, लेकिन आपको मार्केट में बटन्स के बहुत से वेरायटीज मिल जाएगी जैसे, मेटल, लकड़ी, सीशेल, आदि।

बटन्स के प्रकार (Types of buttons)

पहले के मुकाबले अब बटन्स के बहुत से प्रकार बाज़ार में उपलब्ध है, जो आपको हर कलर, साइज में मिल जाएंगे।

1. फ्लैट बटन (Flat Button)

2. शेंक बटन (Shank Button)

3. फैब्रिक बटन (Fabric Button)

4. पोटली बटन (Potli Button)

5. डेकोरेटिव बटन (Decorative button)

बटन की संरचना (Composition of Buttons)

बटन विभिन्न संरचना से बने हो सकते हैं

1. पलास्टिक बटन
2. वुड बटन
3. मेटल बटन
4. शेल बटन
5. फैब्रिक बटन
6. वैक्स बटन
7. पर्ल बटन
8. लेदर बटन
9. प्रेस बटन
10. ग्लास बटन

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स्नैप / प्रेस स्टड (Snap fasteners)

कपड़ों के लिए आधुनिक स्नैप फास्टनरों की परिकल्पना मूल रूप से 1885 में एक जर्मन आविष्कारक द्वारा की गई थी। ये पुरुषों के ट्राउजर के लिए ‘सस्ता फास्टनर’ था। हालांकि, स्नैप फास्टनर वास्तव में केवल 1950 के दशक में अमेरिका में फैशन में आया, जब उन्हें मंच के लिए कढ़ाई और झालरदार शर्ट सजाने के लिए इस्तेमाल किया गया था।

स्नैप सभी फास्टनरों में सबसे आसान हैं और इसलिए उन्हें अक्सर बच्चो के कपड़ो में देखा जाता है। स्नैप मूल रूप से इंटरलॉकिंग डिस्क हैं, जिसे खोलना और बन्द करना बहुत आसान है।

मार्केट में बहुत से प्रकार के स्नैप हैं। कुछ को कपड़े पर हाथ से सिल दिया जा सकता है, जबकि अन्य को लगाने के लिए स्नैप प्लेयर की आवश्यकता होती है। स्नैप टेप के रूप में भी उपलब्ध हैं, टेप की लंबाई के साथ एक पंक्ति में कई स्नैप की व्यवस्था की गई होती है।

ये काले या चांदी धातु स्टड दो भागों से बने होते हैं, एक गेंद आधा और एक सॉकेट आधा जो एक साथ जुड़ते हैं।

कपड़ों के लिए स्नैप बटन को डेनिम बटन के रूप में भी जाना जाता है। ये buttons स्टडेड होते हैं इसलिए किसी सुई और धागे की आवश्यकता नहीं होती है।

स्नैप ज्यादातर डेनिम और भारी कॉटन पर इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि वे महीन कपड़े के लिए बहुत भारी होते हैं, और कपड़े को आकार से बाहर खींच लेते है।

स्नैप्स रिवेट्स से बने होते हैं इसलिए वे मजबूत होते हैं और एक आसान ऑन-ऑफ परिधान के लिए अच्छी तरह से काम करते हैं। स्नैप ज्यादातर शर्ट्स, बेबी ड्रेसेस, बैग्स में इस्तेमाल किया जाता है।

ग्रोममेट्स या आइलेट्स (Grommets or Eyelets)

ग्रोमेट्स प्लास्टिक या मेटल के छल्ले होते हैं, जो कपड़ों में छेद को मजबूत करते हैं। रिबन, फीता या कॉर्ड को उन छेद के द्वारा पिरोया भी जा सकता है, जैसे कोर्सेट। ग्रोमेट होल को आई कहा जाता है।

Grommets या eyelets को कपड़े में सेट करने के लिए, आपको एक ग्रोमेट प्रेस की आवश्यकता होती है, जो कपड़े पर ग्रोमेट्स लगाने के लिए एक ग्रोमेट सेटिंग टूल होता है। ये आपको किसी भी साइज में मिल जाएगी।

आमतौर पर Grommets या eyelets को जूते में देखा जाता है। लेकिन अब तो इनका प्रयोग हर चीज़ में होता है जैसे सूट और ड्रेस (गर्ल्स), जीन्स, बेल्ट आदि।

हुक और आई (Hook & Eye)

हुक और आई दो क्लोज़र है जिन्हें एक साथ जोड़ा जाता है। आई आमतौर पर महिलाओं के कपड़ों पर टाँकी जाती हैं और धातु के फास्टनरों को पतलून आदि पर देखा जाता है। इन छोटे क्लोज़र को एक पंकितयों में जोड़ा जाता है और वे ज्यादातर सीम पर तनाव को बांटने में मदद करते हैं जैसे कि ब्रा के पीछे।

हुक और आई का उपयोग अतिव्यापी या किनारे से किनारे तक बन्धन को जोड़ने के लिए किया जाता है जहां एक तनाव होता है। हुक और आई दो अलग अलग मेटल क्लोज़र है।

हुक और आई का उपयोग ब्रा ब्लाउज और कभी-कभी कोर्सेट में किया जाता है जिसमें कोई लेसिंग नहीं होती है।

बकल्स (Buckles)

पहले बकल का इस्तेमाल सैनिकों द्वारा किया जाता था लेकिन आजकल ये फास्टनर ज्यादातर जूते, बेल्ट और बैग में देखा जाता है। कपड़ों में फास्टनर के रूप में आजकल इनका इतना अधिक उपयोग नहीं किया जाता है। इनका उपयोग कपड़ो में कई बार कार्गो पैंट में होता है।

बकल अब केवल मेटल से बने होने तक ही सीमित नहीं हैं। वो आपको कई प्रकार के मिल जाएंगे जैसे लकड़ी, मोती, प्लास्टिक और कांच सहित कई अन्य सामग्रियों से बकल उपवास बनाया जाता है।

फैब्रिक टाइस और लैस (Fabric Ties & Laces)

लैसिंग, फैब्रिक टाइस या कॉर्ड इन सभी का उपयोग हम कपड़ों में क्लोज़र फास्टनिंग के रूप में करते है।

आप इन्हें ग्रोमेट या किसी भी कपड़ों के साथ सील के एक क्लोज़र के तरह इस्तेमाल कर सकते है, ये एक अच्छा कपड़े fastenings है अगर आप बटन या अन्य फास्टनर्स का उपयोग नहीं करना चाहते हैं।

ज़िपर्स (Zippers)

पहला जिप जैसा कि हम जानते हैं कि इसका आविष्कार 1913 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर गिदोन सुंदरबैक ने किया था।

Zippers के लगभग बहुत से वराइटी आपको मार्केट में मिल जाएगा ये सभी प्रकार, आकार और सामग्री में आते हैं, ज़िपर्स कपड़ों से लेकर बैग, टेंट, मिरर कवर और स्कूल बैग तक सभी चीजों पर उपयोग किए जाते हैं। कपड़ों के लिए क्लोज़र का उपयोग करने के लिए ज़िप फास्टनर वास्तव में सबसे आसान फास्टनर है।

इन्हें कपड़ो में ज्यादा तर जैकेट, स्वेटशर्ट, पैंट, या ड्रेसस में भी इस्तेमाल किया जाता है या आप बोल सकते है जिपर फास्टनर्स में बटन्स के बाद सबसे ज्यादा इस्तेमाल करने वाला फास्टनर है।

टाइप ऑफ ज़िपर्स (Type of Zippers)

ज़िपर के कई प्रकार हैं, लेकिन जिपर का सही चयन करना उस कपड़े पर निर्भर करेगा जिसे आप सिलाई कर रहे हैं। जैसे अक्सर लेडिश ड्रेसस में इनविजिबल जिपर का उपयोग किया जाता है। ज़िपर्स के कुछ प्रकार-

● कॉइल जिपर (Coil zipper)
● मेटल जिपर (Metal zipper)
● प्लास्टिक जिपर (Plastic zipper)
● इनविजिबल या कॉन्सेअलेड ज़िपर्स (Invisible or concealed zipper)
● ओपन एंडेड जिपर (Open ended zipper)
● क्लोज एंडेड जिपर (Close ended zipper)
● टू वे ओपन एंडेड जिपर (Two way open ended zipper)

मैगनेटिक फास्टनर्स (Magnetic fasteners)

कपड़े के लिए मैग्नेटिक फास्टनर अधिक से अधिक आम हो रहे हैं। ये सीवेबल मैग्नेट फास्टनर छोटे प्लास्टिक पाउच में संलग्न एक मजबूत चुंबक से बने होते हैं, जिन्हें बाद में कपड़े में सिल दिया जाता है और फेसिंग से छिपा दिया जाता है, जिनसे कपड़े में फास्टनिंग लगने के बाद भी ड्रेस एक क्लीन लुक देता है।

वेल्क्रो फास्टनर्स (Velcro fasteners)

वेल्क्रो के दो भाग हैं – हुक और लूप। उद्घाटन को बंद करने के लिए उन्हें एक साथ अतिव्यापी दबाया जाता है। वेल्क्रो विभिन्न आकारों और रंगों में उपलब्ध हैं।  

हुक-एंड-लूप फास्टनर, हुक-एंड-पाइल फास्टनर, टच फास्टनर या वेल्क्रो दो घटकों से मिलकर बनता है: आम तौर पर, दो रैखिक स्ट्रिप्स, जो संलग्न सतहों के लिए को जकड़ना है। पहले घटक में छोटे हुक होते हैं, दूसरे में छोटे लूप होते हैं।

जब दोनों को एक साथ दबाया जाता है, तो लूप में हुक पकड़े जाते हैं और दो टुकड़े जकड़ लेते हैं या अस्थायी रूप से बंध जाते हैं। अलग करने के लिए  दोनो सतहों को खिंचा जाता है, जिससे स्ट्रिप्स एक विशिष्ट “तेजस्वी” ध्वनि बनाते हैं।

हुक (Hook)

हुक कर्व या शार्प बेंट डिवाइस होता है, आमतौर पे ये मेटल का होता है, जिसका उपयोग वेस्ट बैंड के अंदर किया जाता है। 

सेफ्टी पिंस (Safety pins)

आपने फास्टनरों के रूप में सेफ्टी पिन का उपयोग अनगिनत बार किया होगा। सेफ्टी पिन नियमित पिन की एक भिन्नता है जिसमें एक सरल तंत्र और एक अकवार शामिल है। 

अकवार दो उद्देश्यों को पूरा करता है: एक बंद लूप बनाने के लिए जिससे पिन को अच्छी तरह से बन्द किया जाता है, और नुकीले साइड से उपयोगकर्ता को बचाने के लिए पिन के अंत को कवर करने के लिए। सेफ्टी पिन कई आकारों में आते हैं, लेकिन वे लगभग हमेशा चांदी या सुनहरे धातु से बने होते हैं।

कफ़ लिंक्स (Cuff Links)

ये शर्ट के कफ के लिए फास्टनर हैं। कफ में दोनों तरफ बटनहोल होता है। कफ लिंक में एक लूप के साथ एक सपाट खुरदरी सतह होती है जो बटन छेद और लॉक दोनों में फिट होती है।

कफ़लिंक jewelry आइटम हैं जो ड्रेस शर्ट के कफ को सुरक्षित करने के लिए उपयोग किए जाते हैं। कफ़लिंक का निर्माण विभिन्न सामग्रियों, जैसे कांच, पत्थर, चमड़ा, धातु, कीमती धातु आदि से बनता है।

कफ़लिंक की सुरक्षा आमतौर पर टॉगल के माध्यम से प्राप्त की जाती है या फ्रंट सेक्शन के डिज़ाइन के आधार पर रिवर्स की जाती है, जिसे मोड़ा भी जा सकता है। कफ़लिंक के सामने के खंडों को रत्न, इनसेट सामग्री या तामचीनी के साथ सजाया जा सकता है और दो या तीन आयामी रूपों में डिज़ाइन किया जा सकता है।

ब्रूचेस (Brooches)

ब्रूचेस एक पकड़ने और पिन के साथ एक सजावटी सामान हैं, जिन्हें कपड़े में लगाया जाता है। ये एक कार्यात्मक के साथ-साथ सजावटी फास्टनर के रूप में काम करते हैं, हालांकि इन्हें सजावटी तत्व के रूप में अधिक उपयोग किया जाता है। ये आमतौर पर रत्नों से सुशोभित होते हैं, और चित्रों के साथ बहुत सजाए जाते हैं, ये मेटल से बने होते हैं।

फ्रॉग फास्टनर्स (Frog fasteners)

फ्रॉग फास्टनर एक सजावटी लट लूप फास्टनर है, जो आमतौर पर कपड़ों के सामने देखा जाता है।  फ्रॉग फास्टनर कपड़े ट्यूबों को एक विशेष डिजाइन में आकार देकर बनाए जाते हैं। 

ये एक अत्यधिक सजावटी फास्टनर है जो एक परिधान को ठीक से बंद करने के कार्य को भी पूरा करता है। इसे एक चीनी फ्रॉग लूप भी कहा जाता है और चीनी कपड़ों में देखे जाने वाले मैंडरिन कॉलर के साथ बहुत अच्छी तरह से चला जाता है।  आप कपड़े के ट्यूबों के साथ अपना फ्रॉग फास्टनरों बना सकते हैं।

ग्लास स्टड्स (Glass studs)

ये फास्टनरों में मुख्य रूप से सजावटी फास्टनर्स में से एक हैं। इन्हें कपड़े पर छेद के साथ लगा दिया जाता है। इसका ऊपरी भाग विभिन्न आकार और रंगों में कांच से बना होता है।

लाइनिंग फास्टनर्स (Lining fasteners)

लाइनिंग फास्टनर्स (अस्तर) सिलाई में, एक अस्तर कपड़े, फर, टोपी, पर्दे, हैंडबैग, शर्ट (बटन एरिया) और इसी तरह की वस्तुओं में डाली जाने वाली कपड़े की एक आंतरिक परत है।

लाइनिंग फिनिशिंग के अंदर एक नीरसता प्रदान करते हैं और इंटरफेसिंग, पैडिंग, सीम के कच्चे किनारों और अन्य निर्माण विवरणों को छुपाते हैं।  

एक अस्तर कपड़ों पर पहने हुए तनाव को कम करता है, अस्तर के उपयोगी जीवन का विस्तार करता है। एक चिकनी अस्तर एक कोट या जैकेट को अन्य कपड़ों पर आसानी से फिसलने की अनुमति देता है, और अस्तर ठंड के मौसम में पहनने के लिए गर्मी देता है। 

कपड़े के साथ समन्वय के लिए लाइनिंग आमतौर पर ठोस रंगों से बने होते हैं, लेकिन पैटर्न वाले और विषम रंग के लाइनिंग का भी उपयोग किया जाता है।

कॉर्ड्स (Cords)

ये ज्यादातर टाई ओपनिंग के रूप में उपयोग किया जाता है। आमतौर पर पैंट, स्कर्ट के कमरबंद में ड्रॉस्ट्रिंग में उपयोग किया जाता है।

टॉगल (Toggles)

टॉगल अपने आप में बटन हैं, ये लंबे और पतले होते है। उनमे होल होता है जिसके द्वारा उन्हें कपड़े से जोड़ा जाता है।

कभी कभी टॉगल की धार गोल होती है, तो कभी नही होती। उन्हें एक लूप के द्वारा लगाया जाता है, ना कि बटन जैसे।

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