बाटिक प्रिंट क्या है..? प्रक्रिया, प्रकार, फायदे: What is Batik Print

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

बाटिक प्रिंट (Batik Print)

बाटिक प्रिंटिंग, मोल्टेन मोम का उपयोग करके कपड़े पर छपाई लगाने की  तकनीक है। हालांकि Batik Print में इस्तेमाल किए गए रूपांकनों (motifs) में समय के साथ बदलाव आया है। लेकिन छपाई का तरीका एक ही है। बाटिक  प्रिंट, डॉट्स और प्रतिरोध की रेखाओं को खींचकर बनाया जाता है, जिसे टांटिंग (tanting) कहा जाता है।

बाटिक प्रिंट का इतिहास

कुछ विशेषज्ञों ने कहा कि यह प्रिंट भारत में उत्पन्न हुआ था, जबकि अन्य का मानना ​​था कि यह इजिप्ट में उत्पन्न हुआ है। भारत और इजिप्ट के अलावा, इंडोनेशिया ,मलेशिया, ईरान, बांग्लादेश, श्रीलंका, थाईलैंड आदि में इस छपाई का अभ्यास किया जाता है।

दक्षिण भारत में चोलमंडल बाटिक प्रिंट के लिए लोकप्रिय है। इंडोनेशिया में जावा अपने विदेशी रूपांकनों के लिए अच्छी तरह से जाना जाता है, जबकि मलेशियाई बाटिक रंगों की विविधता के लिए बहुत लोकप्रिय हैं।

बाटिक प्रिंट बनाने की प्रक्रिया:

Step-1: सूती कपड़े को साफ  किया जाता है और सफेदी के लिए रात भर स्टार्च के पानी में  रखा जाता है। यह प्रक्रिया मशीन या मैन्युअल रूप से की जाती है।

Step-2: मोम की छपाई या तो हाथ, ब्रश या ब्लॉक्स द्वारा की जाती है।जिस टेबल पर छपाई की जाती है उसे रेत (sand) और पानी से ठंडा रखा जाता है,ताकि मोम फैल न जाए।पैराफिन मोम (paraffin wax) को स्टोव पर रखकर पिघलाया जाता है।

Step-3: प्रारंभिक मुद्रण के बाद, कपड़े को रंग में डुबोया जाता है।

Step-4: कपड़े को 10-15 मिनट के लिए नैप्थल डाई (naptol dye) में डुबोया जाता है।

Step-5: यदि केवल एक रंग की आवश्यकता  है तो कपड़े को गर्म पानी में डुबाते है ताकि मोम उतर जाए और आवश्यक पैटर्न और रंग मिल जाए।

Step-6: यदि कोई सफ़ेद धब्बे रह जाते है तो कपड़े को किसी भी direct डाई में एक बार फिर से डुबोया जाता है। इस प्रक्रिया को टॉपिंग (topping) कहते है।

Step-7: अधिक पैटर्न और रंग के लिए मोम के साथ रिप्रिंटिंग (reprinting) किया जाता है और पूरी प्रक्रिया फिर से दोहराई जाती है।

बाटिक प्रिंट के प्रकार:

 ब्लॉक प्रिंटिंग बाटिक (block printing batik)

ब्लॉक प्रिंटेड बाटिक शुरुआती प्रकार के बातिक प्रिंट  में से एक है। यह एक विधि है जो पैटर्न के साथ ब्लॉक का उपयोग करती है, जिसे बाद में मोम में डुबोया जाता है और कपड़े पर मुहर लगाई जाती है।

batik print

बाटिक स्क्रीन (screen batik)

इस प्रकार का बाटिक तेज़ और  प्रिन्ट करने में आसान होते  है, लेकिन किसी की भी गहरी नजर होनी चाहिए ताकि पैटर्न अच्छी  तरह से आये और गलतियां ना रहे।

 batik print

बाटिक लुकी (Hand made batik)

ये बाटिक प्रिंट को  पीतल के औजार की तरह, पेन में गर्म मोम का उपयोग करके किया  जाता है।वांछित पैटर्न के साथ कपड़े में  प्रिंटिंग की जाती है।

batik print

टाई डाई बाटिक (tie dye batik)

यह दिलचस्प और अनियमित पैटर्न का उत्पादन करने के लिए गाँठ या रबर बैंडिंग के बाद कपड़े को रंगने की विधि है।

बाटिक के रंग

इन बाटिक प्रिंट के लिए प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया जाता है। शुद्ध सूती (cotton) कपड़े, स्टार्च और पत्तियों से बने प्राकृतिक रंग, बैटिक प्रिंट के लिए उपयोग किया जाता है।आमतौर पर जीवंत (vibrant) रंगों का उपयोग किया जाता है।

नीला रंग  इंडिगो से लिया गया है। नारंगी और लाल रंग मेंहदी से प्राप्त होते हैं। हल्दी का उपयोग पीला रंग बनाने के लिए किया जाता है।जबकि काला रंग लोहे को जलाकर बनाया जाता है। विभिन्न रंगों को बनाने के लिए 2 या अधिक रंगों के संयोजन करके  किया जा सकता है।

रूपांकनों (motifs)

motifs को 2 प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है।

Geometric and elaborate motifs

विस्तृत रूपांकन (elaborate) प्राकृतिक हैं जैसे कि फूल, कलियाँ, पत्ते, मछली, पक्षी, तितलियाँ, बेलें से बनाते है।

बाटिक को हमेशा फैशन की दुनिया में लोकप्रिय माना जाता है। नए रंगों और रूपांकनों का उपयोग किया जाता है। केवल पारंपरिक परिधान में इस्तेमाल होने से ड्रेस सामग्री, स्कार्फ में बाटिक का उपयोग बढ़ रहा है।

आशा है Friends की आपको हमारे द्वारा “बाटिक प्रिंट” के बारे मे लिखा गया Blog पसंद आया होगा। यदि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी हो तो आप इसे अपने Social Media Sites पर Share ज़रूर करें l

अगर आप भविष्य में ऐसी जानकारी लेना चाहते हैं तो आप हमारे ब्लॉक को सब्सक्राइब करें जिससे आपको हमारे आने वाली हर पोस्ट की अपडेट समय से मिलती रहे ..

ये भी पढ़े 

Leave a Comment